Ram Mandir Trust: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा और दानराशि से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेताओं ने इसे नैतिक जिम्मेदारी बताते हुए पद छोड़ने का फैसला लिया है। ट्रस्ट में बड़ा बदलाव यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि दोनों नेताओं का नाम एफआईआर में शामिल नहीं है, लेकिन मामले को लेकर लगातार उठ रहे सवालों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच उनके इस्तीफे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जवाबदेही पर बहस विपक्षी दल लंबे समय से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि चढ़ावे के प्रबंधन और निगरानी से जुड़े लोगों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पूरी कड़ी की तलाश सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी की जांच अभी जारी है और पूछताछ के दौरान कुछ नए नाम भी सामने आए हैं। इसी कारण जांच एजेंसी दोबारा अयोध्या जाकर दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही। जांच के अगले कदम अब तक इस मामले में कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और ट्रस्ट के दो प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफे ने पूरे प्रकरण को और अधिक चर्चित बना दिया है। फिलहाल सभी की नजर एसआईटी की अगली रिपोर्ट और संभावित नए खुलासों पर टिकी हुई है। ये भी पढ़ें: राम मंदिर चंदा कांड: किसके पास थी चाबी, कौन गिनता था नोट? जांच में सामने आए 8 आरोपियों के रोल